- 'ग्राम चिकित्सालय' सीजन 2 में आकांक्षा रंजन कपूर ने छोड़ी गहरी छाप, दर्शकों ने की जमकर तारीफ
- आमिर खान प्रोडक्शन ने मनाया 25 साल का जश्न। दंगल कुश्ती गुरु भी जश्न में हुए शामिल
- शीना चौहान ने बताया कैसे करती हैं इंटेंस रोल्स की तैयारी: "हर किरदार में अपना दिल और आत्मा झोंक देती हूं"
- How Sheena Chohan Prepares Emotionally for Intense Screen Roles: "I Give Every Character My Complete Heart and Soul"
- जबलपुर रॉयल लायंस ने लगातार तीन जीत के साथ एमपीएल टी20सीजन 3 में बनाई अपनी मजबूत पकड़
जियो प्लेटफॉर्म्स में क्वालकॉम ने 730 करोड़ का निवेश किया
25.24 फीसदी के लिए 1,18,318 करोड़ का निवेश मिला
नई दिल्ली. रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऋणमुक्त होने के बाद भी मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश का सिलसिला जारी है। 12 हफ्तों में 13 निवेशों के जरिए जियो प्लेटफॉर्म्स में 25.24% इक्विटी के लिए 1,18,318.45 लाख करोड़ का निवेश हो चुका है।
रविवार को अमेरीकी क्वालकॉम इनकॉर्पोरेटेड की सहायक निवेशक कंपनी क्वालकॉम वेंचर्स ने 0.15% इक्विटी के लिए जियो प्लेटफॉर्म्स में 730 करोड़ रु के निवेश की घोषणा की।
क्वालकॉम को दुनिया भर में उसकी बेहतरीन वायरलैस तकनीक के लिए जाना जाता है। जियो प्लेटफार्म्स की इक्विटी वैल्यू 4.91 लाख करोड़ और एंटरप्राइज वैल्यू 5.16 लाख करोड़ रु लगाई गई।
जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश 22 अप्रैल को फेसबुक से शुरू हुआ था, उसके बाद सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी, जनरल अटलांटिक, केकेआर, मुबाडला और सिल्वर लेक ने अतिरिक्त निवेश किया था। बाद में अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ( ADIA), TPG, एल कैटरटन, PIF और इंटेल ने भी निवेश की घोषणा की थी।
क्वालकॉम दुनिया की अग्रणी वायरलेस टेक्नोलॉजी इनोवेटर है और 5 जी के विकास, लॉन्च और विस्तार के लिए काम करती है। रिसर्च और विकास पर क्वालकॉम अब तक $ 62 बिलियन से अधिक खर्च कर चुकी है। पिछले 35 वर्षों में क्वालकॉम के पास पेटेंट और पेटेंट अप्लीकेशन्स मिला कर 140,000 से अधिक इनोवेशन हैं।
क्वालकॉम ने इनोवेशन को बढ़ावा देने और भारतीय प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। क्वालकॉम वेंचर्स एक वैश्विक कोष है जो 5 जी, एआई, आईओटी, ऑटोमोटिव, नेटवर्किंग और एंटरप्राइज जैसे क्षेत्रों में वायरलेस इकोसिस्टम में निवेश करता है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक श्री मुकेश अंबानी ने कहा, “आज मैं जियो प्लेटफार्मों में एक निवेशक के तौर पर क्वालकॉम वेंचर्स का स्वागत करते हुए प्रसन्नता महसूस कर रहा हूं।
क्वालकॉम कई वर्षों से एक महत्वपूर्ण भागीदार रहा है और हमारे पास एक मजबूत और सुरक्षित वायरलेस और डिजिटल नेटवर्क को खड़ा करने और भारत में हर किसी के लिए डिजिटल कनेक्टिविटी के लाभों का विस्तार करने का साझा दृष्टिकोण है।
वायरलेस प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में क्वालकॉम के पास गहरा तकनीक ज्ञान है और जो हमें 5जी तकनीक में और भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेंशन में सहायक होगा।
क्वालकॉम इनकॉर्पोरेटेड के सीईओ स्टीव मोलेनकॉफ ने जियो की प्रशंसा करते हुए कहा, “जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपनी व्यापक डिजिटल और तकनीकी क्षमताओं के जरिए भारत में डिजिटल क्रांति का नेतृत्व किया है। भारत में काम करने के लंबे अनुभव के साथ और एक निवेशक के रूप में, हम भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए Jio के दृष्टिकोण में भूमिका निभाने के लिए तत्पर हैं। “
जियो प्लेटफॉर्म्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की “फ़ुली ओन्ड सब्सिडियरी” है। ये एक “नेक्स्ट जनरेशन” टेक्नॉलोजी कंपनी है जो भारत को एक डिजिटल सोसायटी बनाने के काम में मदद कर रही है। इसके लिए जियो के प्रमुख डिजिटल एप, डिजिटल ईकोसिस्टम और भारत के नंबर #1 हाइ-स्पीड कनेक्टिविटी प्लेटफ़ॉर्म को एक-साथ लाने का काम कर रही है। रिलायंस जियो इंफ़ोकॉम लिमिटेड, जिसके 38 करोड़ 80 लाख ग्राहक हैं, वो जियो प्लेटफ़ॉर्म्स लिमिटेड की “होल्ली ओन्ड सब्सिडियरी” बनी रहेगी।
जियो एक ऐसे “डिजिटल भारत” का निर्माण करना चाहता है जिसका फ़ायदा 130 करोड़ भारतीयों और व्यवसायों को मिले। एक ऐसा “डिजिटल भारत” जिससे ख़ास तौर पर देश के छोटे व्यापारियों, माइक्रो व्यवसायिओं और किसानों के हाथ मज़बूत हों। जियो ने भारत में डिजिटल क्रांति लाने और भारत को दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल ताकतों के बीच अहम स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


